छ0ग0 शासन समाज कल्याण विभाग:- समाज कल्याण विभाग का दायित्व है व्यक्ति के जन्म से लेकर उम्र के अंतिम पडाव तक सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना एवं समाज के एंसे लोगों को लाभन्वित करना जो शारीरिक ,मानसिक , सामाजिक , आर्थिक अथवा किसी भी कारण से परेशानी मे हों। समाज के ऐसे जरूरत मंद लोगों के लिये ।
विभागीय संरचना:-
  1.उप संचालक
 2.जिला अकेंक्षक,पं0एवं स0शिक्षा
 3.संगठक
  4.उपअकेंक्षक
  5.सहा.अ.ले.प.क.रो.अ.
  6.सहायक ग्रेड 2
  7.सहायक गेड 3
  8.भृत्य
विभाग द्वारा संचालित योजनाऐं :-
1. सामाजिक सुरक्षा पेंशनः- राज्य शासन द्वारा संचालित सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के अन्तर्गत प्रदेश के मूल निवासी को रूपयें 200/-प्रतिमाह पेशन दी जाती है है, जो निम्न मे से किसी एक श्रेणी का हों:- • 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के निराश्रित वृद्व। • 50 वर्ष या उससे अधिक आयु की निराश्रित विधवा परित्यक्त महिलाएं। • 06 वर्ष से 14 के निराश्रित निःशक्त शालेय छात्र एवं गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले परिवार के निःशक्त बच्चे चाहे वे निराश्रित न हो। • 14 वर्ष से अधिक आयु के निराश्रित निःशक्त व्यक्ति।
2. सुखद सहारा योजनाः- राज्य में 18 से 50 वर्ष तक की निराश्रित विधवा/परित्यक्त महिलाओं को रूपयंे 200/-प्रतिमाह की दर से पेंशन भुगतान की जाती है। योजना का उद्वेश्य महिलाओं को विभिन्न हितग्राही मूलक योजनाओं के द्वारा पुनर्वासित होने तक सहायता प्रदान करना है।
3. राष्ट््रीय वृद्वावस्था पेंशन योजनाः- राष्ट््रीय वृद्वावस्था पेंशन योजना 2 अक्टूबर 1995 से राज्य एवं केन्द्र सरकार के संयुक्त वित्तीय संसाधनों से राज्य सरकार के नियंत्रण में संचालित की जा रही है। योजनान्तर्गत 60 वर्ष या उससे उपर के गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले वृद्वजन को पेंशन राशि 60 से 79 आयु वर्ग के व्यक्तियों को 300/- प्रतिमाह( 200/-केन्द्राश एवं 100/-राज्याश ) 80 वर्ष या 80 से ऊपर आयु वर्ग के व्यक्तियों को 600/-प्रतिमाह ( 500/- केन्द्राश एवं 100/-राज्याश) की दर से पेंशन भुगतान स्थानीय निकायों के माध्यम से किया जाता है।
4. इंदिरा गांधी विधवा पेंशन योजनाः- इंदिरा गांधी विघवा पेंशन योजना अन्तर्गत प्रदेश के मूल निवासी को, जिसका बी.पी.एल. सूची में नाम हो, 40-64 वर्ष आयु वर्ग की विधवाऐं उन्हे 200/- प्रतिमाह पेंशन प्रदान की जाती है।
5. इंदिरा गांधी राष्ट््रीय विकलंाग पेंशन योजनाः- इंदिरा गांधी विकलांग पेंशन योजना अन्तर्गत प्रदेश के मूल निवासी को 18 वर्ष से 64 वर्ष के आयु वर्ग के गंभीर एवं बहुत विकलांगता जो 80 प्रतिशत से अधिक हो। बहु विकलांगता से तात्पर्य एक से अधिक प्रकार की विकलांगता होने से उन्हे 200/- प्रतिमाह पेंशन दी जाती है।
6. राष्ट््रीय परिवार सहायता योजनाः- राष्ट््रीय परिवार सहायता योजनान्तर्गत गरीबी रेखा के नीचे जीवन- यापन करने वाले परिवार के ऐसे मुखिया स्त्री या पुरूष जिनकी आमदानी से परिवार का अधिकांश खर्च चलता है तथा जिसकी आयु 18 वर्ष से अधिक 65 वर्ष से कम हो प्राकृतिक आकस्मिक मृत्यु हो जाने से परिवार के वारिस मुखिया को रूपये 10,000/- की एक मुक्त सहायता प्रदान की जाती है।
7 कृत्रिम अंग/उपकरण प्रदाय योजनाः- निःशक्तजनों की निःशक्तता के प्रभावों को न्यूनतम करने तथा गतिशील बनाने के लिये उन्हे संसधान एवं सुविधायें उपलब्ध कराने हेतु राज्य शासन द्वारा स्वयं के वित्तीय स्त्रोत से एवं केन्द्र शासन की कृत्रिम अंग प्रदाय योजना के माध्यम से निःशक्त व्यक्तियों को कैलीपर्स, ट््रायसायकल, व्हीलचेयर, बैसाखी, श्रवण यंत्र, श्वेत छडी, व ब्रेलकिट आदि प्रदाय किये जाते है।
8. निःशक्तजन छात्रवृत्ति योजनाः- प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक, उच्चतर माध्यममिक एवं महाविद्यालयीन शिक्षारत निःशक्त विद्यार्थियों को पात्रता एवं कक्षा अनुसार रूपयें 50/- से रूपये 240/- प्रतिमाह छात्रवृत्ति विभाग द्वारा उपलब्ध कराई जाती है। तथा दृष्टि बाधित छात्रो को रूपये 50/- से 100/-वाचक भत्ता प्रदान किया जाता है, शासन द्वारा छात्रवृत्ति हेतु अभिभावकों की आय सीमा रूपये 8000/- प्रतिमाह निर्धारित की गई है।
9. निःशक्तजन विवाह प्रोत्साहन योजनाः- राज्य शासन द्वारा निःशक्तजनों के सामाजिक पुनर्वास एवं उन्हे स्वावलम्बी बनाने हेतु निःशक्तजन विवाह प्रोत्साहन योजना 01 अप्रैल 2005 से प्रदेश में लागू की गई है। योजनान्तर्गत निःशक्त जोडियों को एक मुश्त राशि रूपये 21,000/-विवाह उपरान्त निम्नानुसार प्रदाय किया जाता है। प्रोत्साहन राशिः- 1. निःशक्त महिला - निःशक्त पुरूष - 21,000/- 2. सामान्य पुरूष - निःशक्त महिला - 21,000/- 3. सामान्य महिला - निःशक्त पुरूष - 21,000/- ।