बंद करे

जिले के बारे में ->

कोण्डागांव के अतीत में प्रचलित है, कि इसका प्राचीन नाम कोण्डानार था। बताया जाता है कि मरार लोग गोलेड गाड़ी में जा रहे थे, तब कोण्डागांव के वर्तमान गांधी चौक के पास पुराने नारायणपुर रोड से आते हुए कंद की लताओं में गाड़ी फंस गयी। उन्हे मजबूरी में रात को वहीं विश्राम करना पड़ा। बताया जाता है कि उनके प्रमुख को स्वप्न आया। स्वप्न में देवी ने उन्हें यहीं बसने का निर्देष दिया। उन्होंने उस स्थान की भूमि को अत्यंत उपजाऊ देखकर देवी के निर्देशानुसार यहीं बसना उचित समझा। उस समय इसे कान्दानार (कंद की लता आधार पर) प्रचलित किया गया, जो कालान्तर कोण्डानार बन गया। और पड़े

और
  • प्रदर्शित करने के लिए कोई पोस्ट नहीं

कोई घटना नहीं है
  • Safer-Internet_Day
    Uparmurvend to Khalemurvend Ghaati - Keshkal
  • Mirde Waterfall
    Mirde Waterfall - Keshkal
  • Majhingadh